Friday, May 1, 2026
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस वर्ष राज्यभर में 2.10 करोड़ पौधे लगाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की

चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ और सतत भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष प्रदेशभर में 2.10 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि इस मानसून के मौसम में प्रत्येक परिवार कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाए। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के पहले चरण में, हरियाणा में 1.60 करोड़ पौधों के तय लक्ष्य से भी अधिक 1.87 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों के सहयोग से हम एक बार फिर इस लक्ष्य को पार कर लेंगे।

मुख्यमंत्री आज पंचकूला जिले के मोरनी में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वन विभाग द्वारा शुरू किए गए वृक्षारोपण की हर साल ड्रोन का उपयोग करके जियो-टैगिंग और नियमित रूप से मैपिंग की जाएगी। हरियाणा में वन क्षेत्र बढ़ाने में योगदान देने के लिए इन पौधों के विकास की निगरानी पाँच वर्षों तक की जाएगी। अक्टूबर 2014 से, राज्यभर में लगभग 18 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा प्रकाशित दो पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया, जो मोरनी क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर्बल वाटिका और नेचर ट्रेल्स के विकास पर केंद्रित हैं।

कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा द्वारा रखी गई मांगों पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों द्वारा फिजिबिलिटी चेक किए जाने के बाद विकास संबंधी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव वृक्षों की सुरक्षा और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार के अलावा, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने और कम से कम पाँच वर्षों तक अपने बच्चों की तरह उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जो जीवन के लिए आवश्यक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने और प्रकृति के संतुलन को बहाल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि प्रगति की चाह में, कई पेड़ काटे गए हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और प्रकृति व लोगों के स्वास्थ्य दोनों को नुकसान पहुँच रहा है। वन महोत्सव केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है; यह एक प्रतिबद्धता है जो हमें याद दिलाती है कि प्रकृति हमारा जीवन है और इसकी रक्षा हमारा परम कर्तव्य है।

2014 से अब तक कालका विधानसभा क्षेत्र में 2,446 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे हुए हैं, जबकि उससे पहले के दस वर्षों में केवल 304 करोड़ रुपये के ही कार्य हुए – मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोरनी क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वर्ष 2014 से अब तक कालका विधानसभा क्षेत्र में 2,446 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के 10 साल के कार्यकाल में केवल 304 करोड़ रुपये के ही काम हुए थे। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने कालका विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 171 घोषणाएं की हैं। इनमें से 60 घोषणाएँ पूरी हो चुकी हैं और 9 अन्य पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में पहली बार लगातार तीसरी बार सरकार बनी है, जो वर्तमान सरकार में लोगों के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।

राज्य सरकार ने 75 वर्ष से अधिक पुराने वृक्षों के सम्मान हेतु प्राणवायु देवता पेंशन योजना शुरू की – मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 75 वर्ष से अधिक पुराने वृक्षों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना चलाई है। इस पहल के तहत, इन वृक्षों की देखभाल और रखरखाव के लिए प्रति वृक्ष 3,000 रुपये प्रति वर्ष पेंशन का प्रावधान किया गया है। अब तक इस योजना के तहत 3,800 वृक्षों के संरक्षकों के खातों में 1 करोड़ रुपये की राशि जमा की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विभिन्न जिलों में हर्बल पार्क विकसित किए गए हैं। मोरनी क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का हर्बल वन स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त, हरित आवरण बढ़ाने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई जिलों में ऑक्सी-वन भी विकसित किए गए हैं।

सरकार ने दक्षिण हरियाणा में ‘हरित अरावली कार्य योजना’ शुरू की – मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दक्षिण हरियाणा में ‘हरित अरावली कार्य योजना’ भी शुरू की है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई यह परियोजना, हरियाणा सहित अरावली पर्वतमाला से घिरे चार राज्यों में कार्यान्वित होगी। इस पहल के लिए कुल 29 जिलों का चयन किया गया है, जिनमें से पाँच हरियाणा के हैं। इसके अलावा, राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर शिवालिक क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए कई बांध बनाए गए हैं। ये बाँध वन्यजीवों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने और भूमिगत जल स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

नागरिकों से विशेष अवसरों पर पेड़ लगाने का आग्रह – हरियाणा को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रखने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोई भी सरकारी योजना या कार्यक्रम सक्रिय जनभागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। उन्होंने राज्य के सभी निवासियों से पेड़ों को न काटने का आग्रह किया और कहा कि अगर किसी को कोई बीमार पेड़ दिखाई दे, तो वे वन विभाग को सूचित करें ताकि उसका उचित उपचार किया जा सके। उन्होंने सभी से अपने बच्चे के जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी अन्य विशेष अवसर पर पेड़ लगाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां लगभग 80 लोगों ने विभिन्न शिकायतों को लेकर अपने प्रतिवेदन सौंपे है और इन शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

वन महोत्सव एक जन आंदोलन होना चाहिए, न कि केवल एक औपचारिक आयोजन – मंत्री राव नरबीर सिंह

हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वन महोत्सव को केवल एक औपचारिक आयोजन न मानकर, एक जन आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए जिसमें राज्य का प्रत्येक नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले। उन्होंने जनता से न केवल पौधे लगाने का संकल्प लेने, बल्कि उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया, जिससे पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा- विधायक शक्ति रानी शर्मा

कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के गतिशील नेतृत्व में हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति की है और विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कालका विधानसभा क्षेत्र को विकास की दृष्टि से राज्य का अग्रणी विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। श्रीमती शर्मा ने मोरनी क्षेत्र में ईको-टूरिज्म और साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर, उन्होंने जनता से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने का आग्रह किया। इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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