चंडीगढ़। भाजपा ने कई प्रदेशों में अपने प्रदेश अध्यक्ष बदल रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी प्रक्रिया जारी है। इस बीच पंजाब में नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। भाजपा ने यहां पर वर्तमान विधायक अश्वनी शर्मा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। वह संगठन के आंतरिक चुनावों से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाएंगे। अश्वनी शर्मा पठानकोट से विधायक हैं। वह पंजाब में नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। यहां पर नया प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की जगह लेगा।
उधर अश्वनी शर्मा को पंजाब में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाने के कदम का स्वागत होने लगा है। रेल राज्य मंत्री और लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू ने इसका स्वात किया है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने भी इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहाकि अश्वनी शर्मा को संगठन का काफी अनुभव है और वह प्रदेश में पार्टी को मजबूत करेंगे। वहीं, बिट्टू ने कहाकि शर्मा का अनुभव और निष्ठा पार्टी को पंजाब में काफी ज्यादा मजबूती देगी। पंजाब में अश्वनी शर्मा को भाजपा का अंतरिम प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से बड़े संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि शर्मा ही यहां पर अगले प्रदेश अध्यक्ष होंगे। पिछले कुछ वक्त में इसी तरह की परिपाटी रही है, जिससे इन अनुमानों को बल मिल रहा है।
हाल ही में जम्मू कश्मीर में इसी तरह से सत शर्मा को भाजपा को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। जबकि तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना अपने पद पर थे। बाद में सत शर्मा ही रैना की जगह प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके अलावा महाराष्ट्र में भी यही हुआ। वहां रविंदर चव्हाण कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बने और बाद में चंद्रकांत बावनकुले की जगह ली। सुनील जाखड़ को जुलाई 2023 में पंजाब में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। कुछ महीने पहले उन्होंने पार्टी हाई कमान को अपना इस्तीफा सौंपा है और रिलीव करने की गुहार लगाई है। द ट्रिब्यून के मुताबिक भाजपा सुनील जाखड़ को राष्ट्रीय भूमिका देने की तैयारी में है। इस क्रम में उन्हें राजस्थान में जिम्मेदारी दी जा सकती है। बता दें कि सुनील जाखड़ के पिता बलराम जाखड़ की राजस्थान में प्रभावी भूमिका रही है। बलराम जाखड़ लोकसभा के पूर्व स्पीकर रहे थे।

