नई दिल्ली। देश में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। एक माह के दौरान देशभर में बारिश, बाढ़, भूस्खलन ने तबाही मचाई है। हिमाचल और उत्तराखंड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। देशभर से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले एक माह में 112 लोगों की मौत हुई है। वहीं करीब 2700 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही मची है। मंडी जिले में बादल फटने से 10 लोगों की मौत हो गई और 30 लापता हैं। राज्य में मूसलाधार बारिश बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 51 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में अभी तक 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
इस समय मौसम हिमाचल में कहर बरपा रहा है। मंडी जिले में बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। गोहर, करसोग, थुनाग व धर्मपुर उपमंडल में सात स्थानों पर बादल फटने से मकान जमींदोज होने व बाढ़ के पानी में बहने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, सराज में चार व करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है। ग्रामीणों व प्रशासन ने 132 लोगों बचाया है। वहीं, नए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 51 लोगों की जान चली गई है और 22 अन्य लापता हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने 20 जून से 1 जुलाई तक की अवधि को कवर करते हुए 2 जुलाई को एक संचयी क्षति आकलन रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में राज्य के 12 जिलों में मानव जीवन, निजी संपत्तियों, पशुधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए महत्वपूर्ण नुकसान का खुलासा किया गया है।
कई लोग लापता – एसईओसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अब तक कई कारणों से कुल 51 मौतें हुई हैं, जिनमें अचानक बाढ़, डूबना, भूस्खलन, बिजली गिरना और सडक़ दुर्घटनाएं शामिल हैं। वहीं, कई लोग लापता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मानसून से संबंधित घटनाओं में 103 लोग घायल हुए हैं। संपत्ति और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान राज्य ने 204 घरों को नुकसान पहुंचने की सूचना दी है, जिनमें से 22 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।
500 करोड़ के नुकसान का अनुमान – मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में अभी तक 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। नुकसान और भी बढ़ सकता है। जहां पर नुकसान हुआ है वहां राहत और पुनर्वास में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार आपदा की घड़ी में लोगों के साथ खड़ी है और हर स्थिति से निपटने का हरसंभव प्रयास कर रही है। लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, बिजली आपूर्ति हो या सडक़ सुविधा सुचारू हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा से पीडि़त 287 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है और जो आपदा के दौरान लापता हुए हैं, उन्हें ढूंढने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम में पुलिस बटालियन और होमगार्ड की टीमें नियुक्त की गई है।
ओडिशा के क्योंझर में मडस्लाइड, 3 की मौत – ओडिशा के क्योंझार में मैंगनीज की खराद धंसक गई। इसे कारण 3 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मानसून के कारण सुरंग धंसकी। जिन लोगों की मौत हुई वे अवैध तरीके से सुरंग में दाखिल हुए थे और मैंगनीज निकाल रहे थे।
हिमाचल में 282 सडक़ें बंद – बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बाढ़ और लैंडस्लाइड की दिक्कत है। राज्य की 282 सडक़ें बंद लैंडस्लाइड के कारण बंद हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 182 सडक़ें बंद हैं।
मप्र नदियों का पानी पुल पर आया – मप्र में भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और राजगढ़ में बुधवार सुबह से जोरदार बारिश हो रही है। भोपाल में सडक़ों पर दो फीट तक पानी भर गया है। रतलाम का कल्याण केदारेश्वर झरना फूट गया है। वहीं, मऊगंज के बहुती जलप्रपात में पानी बढ़ गया है। अगले 24 घंटे में 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहेगा। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चलेगा।
राजस्थान-गुजरात में 100 प्रतिशत ज्यादा बारिश – देश के ज्यादातर राज्यों में जून के आखिरी हफ्ते से तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 9 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। 2024 में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। राज्यों की बात करें तो इस साल अब तक बिहार, दिल्ली समेत देश के 15 राज्यों में सामान्य से कम बारिश हुई है। राजस्थान में जून महीने में 55 मिमी बारिश हुई जो सामान्य से 128 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, गुजरात में सामान्य से 115 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। 21 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि जुलाई में पूरे देश में सामान्य से 106 प्रतिशत ज्यादा बारिश होगी। मप्र, यूपी समेत 23 राज्यों में पिछले सालों की तुलना में ज्यादा बारिश होने की संभावना है। वहीं, ज्यादातर राज्यों में तापमान सामान्य और उससे कम रहेगा।

