Friday, May 1, 2026
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“लैब टू लैंड” दृष्टिकोण से बदलेगा खेती का भविष्य : कृषि मंत्री

चंडीगढ़  – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लैब टू लैंड’ दृष्टिकोण से प्रेरित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ भारत की कृषि संरचना को जमीनी अनुभवों के आधार पर नए सिरे से परिभाषित करेगा। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की वृहद समीक्षा बैठक में भाग लेने के बाद कही। श्याम सिंह राणा ने केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के विजन को भी “प्रेरणादायक और भविष्यदृष्टा” करार दिया। उन्होंने कहा कि “लैब टू लैंड” दृष्टिकोण  का यह अभियान किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भारत को वैश्विक ‘फूड बास्केट’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

उन्होंने जानकारी दी कि अब यह अभियान रबी सीजन से पहले भी चलाया जाएगा, जिससे हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा। “किसानों की ज़मीनी समस्याओं को जानने के लिए वैज्ञानिक सीधे खेतों में गए, और अब उनके अनुभवों के आधार पर एक व्यावहारिक कार्य योजना तैयार की जा रही है। राणा ने नकली खाद और कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की केंद्र की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हरियाणा में फर्जी कृषि इनपुट पर रोक लगेगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिलेगी।

उन्होंने विकसित कृषि संकल्प अभियान के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की और कहा, “कृषि केवल योजनाओं से नहीं, खेतों में जाकर अनुभव से आगे बढ़ती है।हरियाणा सरकार की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य क्षेत्रवार कार्य योजना तैयार करेगा, जिसमें दलहन, तिलहन, गन्ना, कपास और अन्य फसलों पर वैज्ञानिक हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की क्षमताएं बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।बैठक में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के अलावा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया।

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