शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है। यह कदम नौकरशाही संबंधी खर्चों को कम करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।प्रस्तावित योजना के तहत, आईएएस अधिकारियों की संख्या 153 से घटाकर 130 की जाएगी, जिससे 23 पद कम हो जाएंगे। इसी तरह, आईएफएस अधिकारियों की संख्या 118 से घटाकर 83 की जाएगी, जिससे 35 अधिकारियों की कमी आएगी। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की संख्या कितनी कम की जाएगी, इस पर अभी फैसला होना बाकी है।
कुल मिलाकर, आईएएस और आईएफएस संवर्गों में 58 अधिकारियों की कमी की जाएगी।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य में आईएएस अधिकारियों की वास्तविक आवश्यकता 100 से 110 के बीच है, लेकिन सरकार केवल 23 अधिकारियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को अधिकारियों की फौज नहीं, बल्कि इसतरह के अधिकारी चाहिए जो नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। हिमाचल सरकार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को तत्काल मंजूरी देना जारी रखेगी।
अधिकारियों के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की संख्या कम करने का औपचारिक प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वर्तमान में, 20 से अधिक आईएएस अधिकारी और 12 से अधिक आईपीएस व आईएफएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर हैं। हिमाचल की कांग्रेस सरकार केंद्र से यह अनुरोध भी करेगी कि वह राज्य को और अधिक केंद्रीय सेवा अधिकारी आवंटित न करे, क्योंकि अनुमान है कि प्रत्येक अधिकारी पर वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं सहित सालाना 40 से 50 लाख रुपये का खर्च आता है।

