नई दिल्ली । कांग्रेस अब केंद्र सरकार से दो-दो हाथ करने के मूड में दिखाई दे रही है। इस बार के मानसून सत्र में इसकी झलक दिखाई दे सकती है। केंद्र की मोदी सरकार को कैसे कब और किन मुद्दों पर घेरना है, इसके लिए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 15 जुलाई को बैठक बुलाई है। बैठक में विस्तृत रणनीति तय होगी और सांसदों क्या बोलना और क्या नहीं बोलना है इसकी नसीहत भी दी जाएगी।
कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी संसद के मानसून सत्र के लिए पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने के वास्ते मंगलवार को एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता पतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी अपने 10 जनपथ स्थित आवास पर करेंगी। संसद के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि कांग्रेस पार्टी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की योजना बहा रही है।
विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण संबंधी निर्वाचन आयोग के कदम पर कड़ी आपत्ति जता सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की कूटनीतिक गतिविधियों पर चर्चा की मांग भी करती रही है। सरकार, ‘परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम’ और ‘परमाणु ऊर्जा अधिनियम’ में संशोधन करने की योजना बना रही है ताकि परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने संबंधी केंद्रीय बजट की घोषणा पर अमल किया जा सके। विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर रहा है।

