नई दिल्ली। चंपारण ऐतिहासिक रूप से महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन का केंद्र रहा है, लेकिन अब यह भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए सियासी ताकत दिखाने का मंच बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जुलाई को बिहार के चंपारण के मोतिहारी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम के इस इस दौरे को एनडीए की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। एनडीए ने इसे 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का एक बड़ा कदम बनाया है। पीएम मोदी के इस दौरे से पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां दौरा कर चुके हैं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश हो चुकी है। एनडीए की योजना इस जनसभा के जरिए अपनी एकता का संदेश देने के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को साधने और विकास व सुशासन के एजेंडे को मजबूत करने की है।
लोकसभा चुनावों में भी चंपारण एनडीए का मजबूत गढ़ रहा है। 2019 में पूर्वी चंपारण से बीजेपी के राधा मोहन सिंह ने 54.3 प्रतिशत वोट और पश्चिमी चंपारण से संजय जायसवाल ने 56.1 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। हालांकि 2024 के चुनाव में दोनों सीटें बरकरार रहीं लेकिन वोट शेयर में थोड़ी गिरावट आई और विपक्ष ने कड़ी टक्कर दी। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा एनडीए के लिए सामाजिक और चुनावी समीकरण मजबूत करने का मौका है। इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष पैकेज, वित्तीय समावेशन, ऋण, सब्सिडी और प्रशिक्षण योजनाओं का ऐलान संभावित है।

