उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुँच करके दोष लगाया है कि वह साल 2024 में अपने गाँव से पंचायती चुनाव लड़ना चाहता था परन्तु ऐसा न कर सका, क्योंकि ब्लॉक अधिकारी अजनाला द्वारा उसको डिफालटर घोषित करने का नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि उसने 4 कनाल की सरकारी ज़मीन के बकाए का भुगतान नहीं किया है और इस सम्बन्धी उसके खि़लाफ़ एफ. आई. आर. दर्ज की जायेगी। शिकायत के अनुसार मुलजिम ने शिकायतकर्ता को कहा कि यदि वह अपना नाम डिफॉलटर सूची में से निकलवा कर राजस्व रिकार्ड में संशोधन करवाना चाहता है, तो उसको 13,000 रुपए रिश्वत देनी पड़ेगी। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्राथमिक तस्दीक के उपरांत विजीलैंस ब्यूरो यूनिट अमृतसर की टीम ने जाल बिछा कर उक्त मुलजिम को दो सरकारी गवाहों की हाज़िरी में शिकायतकर्ता से 13000 रुपए रिश्वत लेते हुये काबू कर लिया।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो सहनशीलता: 13000 रुपए रिश्वत लेता ब्लॉक अधिकारी रंगे हाथों काबू
चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई ज़ीरो सहनशीलता नीति के अंतर्गत पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज ब्लॉक विकास और पंचायत दफ़्तर ( बी. डी. पी. ओ.) अमृतसर में तैनात ब्लॉक अधिकारी जॉर्ज मसीह को 13000 रुपए रिश्वत लेते हुये गिरफ़्तार किया है। इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये राज्य विजीलैंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त मुलजिम को गाँव बकरौर, ज़िला अमृतसर के एक निवासी की तरफ से दर्ज करवाई गई शिकायत के बाद गिरफ़्तार किया गया है।

