प्रकृति में ऐसे अनेकों पेड़ पौधे पाए जाते हैं। कुछ ऐसे ही पेड़ हैं शहतूत, नील आदि। इनके उपयोग से अनेकों आयुर्वेदिक दवाइयां भी बनाई जाती है। जिनसे बीमारियों को ठीक करने में सहायता मिलती है।
शहतूत : शहतूत का पेड़ अपने स्वादिष्ट फलों, औषधीय गुणों और रेशम उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह एक बहु उपयोगी पौधा है। शहतूत वृक्ष रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। इसकी छाल और जड़ का उपयोग आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं में किया जाता है। वहीं, पत्तियों से बनी चाय शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होती है।
नीम : नीम के पेड़ की पत्तियां फोड़े-फुंसी, खुजली में फायदेमंद होता है और यही ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करते हैं। नीम लिवर को डिटॉक्स करता है और विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। नीम की पत्तियां मुहांसे, झाइयां और संक्रमण कम करने में सहायक है। इसके अलावा नीम का तेल डैंड्रफ और सिर की खुजली दूर करने में उपयोगी। नीम का पेस्ट घावों और जलन में राहत देता है।
अरंडी : अंरडी एक बहुपयोगी औषधीय गुणों वाला पौधा है। अरंडी के बीजों से प्राप्त होने वाले तेल की डिमांड मार्केट में काफी अधिक रहती है। यह तेल औषधिय गुणों से भरपूर होता है। इसके उपयोग से अनेकों सौंदर्य उत्पाद भी बनाए जाते हैं। यह कब्ज को दूर करने का काम भी करता है। इसका तेल शरीर में मालिश करने पर गठिया और सूजन में राहत देता है। इसके अलावा त्वचा को मॉइस्चराइज़ करता है और बालों की वृद्धि में मदद करता है।

