Health News : योग के अनेक आसनों में से मत्स्यासन को बेहद लाभकारी माना गया है। हेल्थ एक्सपर्टस के अनुसार यह आसन खासतौर पर पीठ दर्द, कब्ज और सांस से जुड़ी समस्याओं में बेहद कारगर है। मत्स्यासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन आता है। यह आसन फेफड़ों को खोलने में मदद करता है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है और दमा या अन्य सांस की तकलीफें कम हो जाती हैं। साथ ही यह आसन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है, जिससे कब्ज की शिकायत दूर होती है। महिलाओं के लिए यह आसन विशेष रूप से लाभदायक माना जाता है। यह गर्भाशय संबंधी परेशानियों, डायबिटीज और हार्मोन असंतुलन से राहत देने में सहायक होता है।
मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन और दर्द को कम करता है। यह पेट की नसों पर हल्का दबाव डालकर ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे शरीर को राहत मिलती है। मत्स्यासन का अभ्यास मानसिक रूप से भी बेहद फायदेमंद है। इसे करते समय शरीर विश्राम की स्थिति में आता है और मन शांत होता है। गहरी सांसें लेने की प्रक्रिया चिंता, तनाव और घबराहट को कम करने में मदद करती है, जिससे एकाग्रता और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। इस आसन से पेट की चर्बी घटाने में भी मदद मिलती है क्योंकि यह पेट की मांसपेशियों पर सीधा असर डालता है। नियमित अभ्यास से शरीर छरहरा और चुस्त बना रहता है।
मत्स्यासन करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं, पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के नीचे रखें। कोहनियों को कमर के पास लाते हुए सीने को ऊपर उठाएं और सिर को धीरे से पीछे झुकाएं ताकि सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। इस स्थिति में कुछ देर बने रहें और गहरी सांस लें। रोजाना इसका अभ्यास शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। बता दें कि सेहतमंद जीवन के लिए योग बेहद जरूरी है। यह शरीर को न सिर्फ फिट रखता है बल्कि मानसिक शांति भी देता है।

