नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार इसी सत्र (बजट) में वक्फ संशोधन बिल लाने की तैयारी में है। ऐसा इसलिए क्योंकि वक्फ संशोधन बिल को लेकर बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने लोकसभा अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जेपीसी पैनल प्रमुख जगदंबिका पाल ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संसद भवन में स्थित उनके दफ्तर में मुलाकात कर रिपोर्ट सौंप दी। दरअसल, बुधवार को ही जेपीसी के पैनल ने बहुमत के आधार पर रिपोर्ट को स्वीकार किया था। इसमें सत्तारूढ़ बीजेपी के सदस्यों के सुझाए गए बदलाव शामिल थे। हालांकि, तब विपक्ष ने कवायद को वक्फ बोर्ड को खत्म करने की कोशिश बताया था।
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने मसौदा कानून पर रिपोर्ट को 15-11 के बहुमत से स्वीकार किया है। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति नोट प्रस्तुत किए, जिसके बाद बीजेपी के सदस्यों ने कहा कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास है। वहीं, विपक्ष ने बिल को मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर हमला और वक्फ बोर्ड के कामकाज में हस्तक्षेप बताया है। बता दें कि 8 अगस्त 2024 को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश होने के तुरंत बाद समिति का गठन किया गया था। विपक्षी दलों ने विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आलोचना की थी।