नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली समेत यूपी और हरियाणा के कुछ इलाके में इन दिनों लोग प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। पिछले सात दिनों से प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार और बुधवार को तो एक्यूआई लेवल दिल्ली-एनसीआर में 500 पार था। गुरुवार को हालांकि, एक्यूआई लेवल में हल्का सा सुधार आया है। जहां सोमवार को एक्यूआई 494 और मंगलवार को 500 था। वहीं, आज एक्यूआई 421 दर्ज किया गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद आने वाले दिनों में प्रदूषण से राहत मिल सके।
लेकिन प्रदूषण अभी भी उतना कम नहीं हुआ है कि लोग राहत की सांस ले सकें। दिल्ली सरकार इसके लिए कृत्रिम बारिश करवाने की योजना बना रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से संपर्क भी किया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह को लेटर भेजा है। इस लेटर में लिखा है- मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। इससे लोगों का दम घुट रहा है। इसको हटाने के लिए कृत्रिम वर्षा करवानी पड़ेगी। इसके लिए केंद्र को आवश्यक कदम उठाना पड़ेगा। गोपाल राय ने बताया- उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान हो या फिर कोई भी अन्य राज्य क्यों न हो, आज पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है। आसमान पर स्मॉग की एक मोटी चादर फैली हुई है।
वातावरण में मौजूद प्रदूषित कण बुजुर्गों और बच्चों की सांसों पर भारी पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप 4 की पाबंदियों लागू कर दी गई हैं। विशेषज्ञों से चर्चा के बाद यह बात सामने आई है कि अब वह समय आ गया है कि स्मॉग की चादर को तोड़ने के लिए कृत्रिम बारिश करवाई जाए। इसलिए चौथी बार फिर से केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को पत्र लिखा है। लेटर में आगे लिखा- दिल्ली सरकार और कृत्रिम बारिश की सलाह देने वाले आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की बैठक बुलाई जाए। इसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, नागर विमानन निदेशालय समेत दूसरे संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहें। दिल्ली में ऑड-ईवन लागू करने और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम उठाए जाने के सवाल पर गोपाल राय ने कहा कि हम सभी पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं और विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। जो भी जरूरी कदम होगा, हम उठाएंगे। हम स्थिति का पूरी तरह से आकलन कर रहे हैं और हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।